1,700 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों पर महापौर का हस्तक्षेप, नियमितीकरण समेत कई मुद्दों के समाधान का भरोसा
Maharashtra Samachar••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन कर रहे 1,700 से अधिक बाह्यस्रोत स्वास्थ्य कर्मियों से महापौर रितू तावड़े ने मुलाकात की। नियमितीकरण, वेतन, प्रसूति अवकाश, भविष्य निधि और बीमा समेत विभिन्न मांगों के समाधान का भरोसा दिया।
मुंबई: राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान के तहत काम कर रहे 1,700 से अधिक बाह्यस्रोत स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन ने अब महानगरपालिका स्तर पर गंभीरता से ध्यान खींचा है। मुंबई के आजाद मैदान में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों से महापौर रितू तावड़े ने सोमवार शाम मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मांगों के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।
कोविड काल में सेवाओं का दिया हवाला
महापौर ने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में इन स्वास्थ्य कर्मियों ने मुंबईकरों की सेवा के लिए दिन-रात काम किया। उनके योगदान को महानगरपालिका भूली नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की मांगें केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें वास्तविक रूप से हल कराने के लिए प्रशासन और राज्य सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर नगरसेवक रोहिदास लोखंडे भी मौजूद थे।
दस वर्ष की सेवा पूरी करने वालों के लिए नियमितीकरण का प्रस्ताव
महापौर ने बाह्यस्रोत कर्मचारियों की मांगों को लेकर अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त को विस्तृत पत्र भेजा है। इसमें दस वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अनुभवी बाह्यस्रोत कर्मचारियों को नियमित सेवा में शामिल करने के लिए एक बार की विशेष नीति तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत रिक्त पदों पर पात्र कर्मचारियों को शामिल करने के संबंध में व्यापक प्रस्ताव तैयार कर महानगरपालिका और राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजने को कहा गया है। प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयार प्रस्तावों को भी जल्द आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
वेतन और महिला कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी शामिल
महापौर ने कर्मचारियों को संशोधित न्यूनतम वेतन का लाभ देने और सीधे वेतन बढ़ोतरी लागू करने के संबंध में भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महिला कर्मचारियों को नियमानुसार सवेतन प्रसूति अवकाश देने की मांग पर भी ध्यान देने को कहा गया है। इसके अलावा दीपावली के सानुग्रह अनुदान के संबंध में राज्य सरकार से आवश्यक पत्राचार कर निर्णय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
भविष्य निधि और बीमा का लाभ समय पर देने पर जोर
कर्मचारियों को भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा के कानूनी लाभ निर्धारित समय के भीतर मिलने चाहिए, इस पर भी महापौर ने जोर दिया। वेतन में देरी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार संस्था को कड़ी चेतावनी देने के निर्देश दिए गए हैं।कर्मचारियों की समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में शिकायत निवारण समिति सक्रिय करने को भी कहा गया है।
‘मांगें कागजों तक सीमित न रहें’
आंदोलनकारियों से बातचीत के दौरान महापौर रितू तावड़े ने कहा कि महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें केवल कागजों तक सीमित न रहें और उनका वास्तविक समाधान हो, इसके लिए वह स्वयं महानगरपालिका प्रशासन तथा राज्य सरकार के स्तर पर लगातार प्रयास करेंगी।