BMC ने कचरा प्रबंधन, निर्माण मलबे के निपटारे सार्वजनिक शौचालयों को सुधारने निर्देश
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कचरा जमा होने वाली 184 जगहें हटाईं, बाकी पर भी कार्रवाई की तैयारी
मुंबई / अकबर खान
मुंबई: शहर में कचरा जमा होने की समस्या पर लगाम लगाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अपनी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। शहर में कचरा जमा होने वाली 286 जगहों की पहचान की गई थी, जिनमें से 102 जगहों को खत्म कर दिया गया है। बाकी जगहों पर भी कचरा जमा होने से रोकने के लिए संबंधित विभागों को स्थायी उपाय करने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को वर्ली स्थित महानगरपालिका के नियंत्रण केंद्र में आयोजित ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वार्ड स्तर पर कचरा संग्रह और परिवहन की व्यवस्था का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। साथ ही, सफाई से जुड़े कामों में जल्द बदलाव दिखाई देना चाहिए।
## कचरा जमा होने वाली जगहों पर सीसीटीवी से निगरानी
डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में कचरा जमा होने वाली जगहों की पहचान कर उनका नक्शा तैयार किया जाए। इन स्थानों पर सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जाए और कचरा जमा होने के कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान निकाला जाए।उन्होंने कहा कि जिन लोगों की वजह से बार-बार कचरा जमा होता है या नियमों का उल्लंघन किया जाता है, उनके खिलाफ जुर्माने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि साफ किए गए स्थानों पर दोबारा कचरा जमा न हो।
सूखे कचरे के केंद्रों को आधुनिक बनाने पर जोर
मुंबई में सूखे कचरे को अलग-अलग करने के लिए कुल 55 केंद्र हैं, जिनमें से 46 केंद्र चालू हैं। इन केंद्रों में प्रतिदिन करीब 137.32 मीट्रिक टन सूखा कचरा जमा किया जाता है।बीएमसी ने इन केंद्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने, कचरे को अलग करने की प्रक्रिया को प्रभावी करने और उसके पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। अधिकारियों को केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, कचरे को संभालने की व्यवस्था और रिकॉर्ड की सटीकता की समीक्षा कर जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
रोजाना 8,500 मीट्रिक टन से अधिक निर्माण मलबा
मुंबई में निर्माण और तोड़फोड़ से प्रतिदिन 8,500 मीट्रिक टन से अधिक मलबा निकलता है। इस मलबे के निपटारे के लिए शहर में दो परियोजनाएं हैं, जिनकी कुल क्षमता प्रतिदिन 1,200 मीट्रिक टन है। बीएमसी ने निर्माण स्थलों पर ही मलबे को अलग करने, अधिकृत व्यवस्था के जरिए उसका परिवहन करने और उचित तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मलबे की ढुलाई पर डिजिटल माध्यम से निगरानी रखने, निर्माण स्थलों का पंजीकरण करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
सार्वजनिक शौचालयों की सुविधाएं सुधारने के निर्देश
बीएमसी ने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, पानी की आपूर्ति, बिजली और नल की व्यवस्था के साथ जरूरी मरम्मत पर भी ध्यान देने को कहा है। अधिकारियों को शौचालयों का नियमित निरीक्षण करने और मरम्मत व नवीनीकरण के काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, नए और आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाने की प्रस्तावित योजनाओं की भी नियमित समीक्षा करने को कहा गया है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करने पर जोर
डॉ. शर्मा ने कहा कि मुंबई में सफाई व्यवस्था को लेकर उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए महानगरपालिका प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने, लंबित कार्यों की समीक्षा करने और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के निर्देशों के तहत अतिरिक्त नगर आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा के मार्गदर्शन और उप नगर आयुक्त किरण दिघावकर की निगरानी में शहर की सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। बैठक में इन कार्यों की समीक्षा कर उन्हें गति देने पर जोर दिया गया।