स्कूलों में जागरूकता अभियान BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) स्कूलों के बच्चों ने प्रदूषण मुक्त व "पटाखा मुक्त दिवाली" मनाने की शपथ ली है।
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जागरूकता रैली के जरिए विद्यार्थियों को पटाखामुक्त दिवाली मनाने का संदेश दिया जाएगा।
मुंबई / अकबर खान
मुंबई: दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के शिक्षा विभाग ने ‘पटाखामुक्त-प्रदूषणमुक्त पर्यावरण’ जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत महानगरपालिका के स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण के नुकसान और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है।
महानगरपालिका प्रशासन के अनुसार, मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों और शासन की पर्यावरण संबंधी मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुरूप यह अभियान चलाया जा रहा है। विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि पटाखों से हवा और ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है तथा इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ता है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को इससे परेशानी हो सकती है। पटाखों से निकलने वाले कचरे और पर्यावरण को होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
स्कूलों में वीडियो और पोस्टर प्रतियोगिताएं
अभियान के तहत विद्यार्थियों को पटाखों से होने वाले प्रदूषण, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव और बिना पटाखों के त्योहार मनाने के महत्व पर छोटे वीडियो बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा पोस्टर और बैनर प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। इनमें ‘पटाखे नहीं, साफ हवा चाहिए’ और ‘प्रदूषणमुक्त त्योहार, सेहतमंद जीवन’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
नारा लेखन और जागरूकता रैली
विद्यार्थियों के लिए पटाखामुक्त त्योहार, पर्यावरण संरक्षण, ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही स्कूलों के आसपास जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। विद्यार्थियों को पर्यावरण की रक्षा करने और पटाखों से दूर रहकर त्योहार मनाने की सामूहिक शपथ भी दिलाई जाएगी।
नाटक, भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं
पटाखों के नुकसान और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने का संदेश देने के लिए स्कूलों में नुक्कड़ नाटक, भाषण, निबंध लेखन और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों को प्रदूषण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों को भी जोड़ने की तैयारी
इस अभियान में केवल विद्यार्थियों तक ही जागरूकता सीमित नहीं रहेगी। बच्चों की ओर से बनाए गए वीडियो, पोस्टर और नारों के माध्यम से अभिभावकों तथा स्थानीय नागरिकों तक भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाया जाएगा। स्कूलों की नियमित प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण और पटाखामुक्त त्योहार मनाने की शपथ दिलाने की योजना है।
सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने की अपील
बीएमसी के शिक्षा विभाग का मानना है कि ऐसे प्रयासों से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, सामाजिक जागरूकता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी। महानगरपालिका प्रशासन ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों से अपील की है कि वे पटाखों का इस्तेमाल टालें और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने में सहयोग करें। अभियान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि त्योहारों की खुशियां मनाते समय पर्यावरण की सुरक्षा और दूसरों की सेहत का ध्यान रखना भी सभी की जिम्मेदारी है।