भामा-आसखेड परियोजना प्रभावित किसानों का आंदोलन 26 अक्टूबर को भी रहेगा जारी
Maharashtra Samachar••2 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
भामा-आसखेड परियोजना प्रभावित किसान 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन जारी रखने की अनुमति मांग रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार के राहत एवं पुनर्वास विभाग के पास किसानों के कई सवाल लंबित हैं।
मुंबई / अकबर खान
मुंबई: तालुका खेड़, जिला पुणे से जुड़े भामा-आसखेड परियोजना प्रभावित किसानों ने 26 अक्टूबर को भी आजाद मैदान में आंदोलन जारी रखने की अनुमति मांगी है। किसान प्रतिनिधि प्रदीप बबूशा होले ने संबंधित अधिकारियों से आंदोलन की अनुमति बरकरार रखने की अपील की है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीनें परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थीं, लेकिन 25 से 30 साल बीतने के बाद भी उन्हें उनके हक की वैकल्पिक जमीन नहीं मिली है।
*20 दिनों से जारी है आंदोलन*
प्रदीप बबूशा होले और अन्य भामा-आसखेड परियोजना प्रभावित किसान पिछले 20 दिनों से मुंबई के आजाद मैदान में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद से वे अपने हक की वैकल्पिक जमीन मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
*राहत एवं पुनर्वास विभाग के पास किसानों के सवाल लंबित*
किसानों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार के राहत एवं पुनर्वास विभाग के पास भामा-आसखेड परियोजना प्रभावित सभी किसानों के सवाल लंबित हैं। लंबे समय से समाधान नहीं मिलने के कारण किसानों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनके पुनर्वास और वैकल्पिक जमीन से जुड़े मामलों पर जल्द फैसला लेगी।
*26 अक्टूबर को होगी महत्वपूर्ण बैठक*
किसानों ने बताया कि 26 अक्टूबर 2026 को आजाद मैदान में भामा-आसखेड परियोजना प्रभावित किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इसमें बड़ी संख्या में प्रभावित किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए आंदोलन जारी रखने की अनुमति बरकरार रखने की मांग की गई है।
प्रदीप बबूशा होले और समस्त भामा-आसखेड परियोजना प्रभावित किसानों ने संबंधित अधिकारियों से 26 अक्टूबर को आंदोलन की अनुमति कायम रखने की अपील की है। किसानों की मुख्य मांग अधिग्रहित जमीन के बदले हक की वैकल्पिक जमीन और लंबे समय से लंबित पुनर्वास संबंधी सवालों का समाधान है।