मुंबई में कचरा प्रबंधन और मीठी नदी के काम से संतुष्ट पंकजा मुंडे, २०२८ तक शुरू होंगे सात मलजल शोधन केंद्र
Maharashtra Samachar••1 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
मुंबई में कचरा प्रबंधन, मलबे की निगरानी और मीठी नदी के पुनर्जीवन पर महानगरपालिका के काम से मंत्री पंकजा मुंडे संतुष्ट। वर्ष २०२८ तक सात मलजल शोधन केंद्र शुरू करने की योजना।
मुंबई : मुंबई में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने, निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे पर नियंत्रण रखने और मीठी नदी के पुनर्जीवन के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से किए जा रहे कामों पर राज्य की पर्यावरण एवं वातावरणीय बदलाव मंत्री पंकजा मुंडे ने संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि मुंबई में कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए प्रशासन के साथ नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। वहीं, वर्ष २०२८ तक मुंबई में सात मलजल शोधन केंद्र शुरू करने की योजना है।
महानगरपालिका मुख्यालय में सोमवार, १२ अक्टूबर को घनकचरा प्रबंधन, मलनिःसारण और मीठी नदी के पुनर्जीवन से जुड़े कामों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंत्री पंकजा मुंडे ने की। इस दौरान मुंबई की महापौर रितु तावड़े, उपमहापौर संजय घाड़ी, महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े, अतिरिक्त आयुक्त विपिन शर्मा, अभिजीत बांगर और अविनाश ढाकणे सहित महानगरपालिका तथा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मलबे की निगरानी के लिए नई व्यवस्था
मुंबई में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के संग्रह, परिवहन, प्रक्रिया और निपटान पर नियंत्रण रखने के लिए महानगरपालिका ने मुंबई मलबा नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत अब तक २५५ संस्थानों ने पंजीकरण कराया है। इसका उद्देश्य मलबे के अनुचित निपटान पर रोक लगाना और पूरी प्रक्रिया की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुंबई में कचरा फेंके जाने वाले २३१ संवेदनशील स्थानों को समाप्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा कचरे से ऊर्जा तैयार करने के लिए भी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।
वर्ष २०२८ तक शुरू होंगे सात मलजल शोधन केंद्र
मुंबई में मलजल का उचित उपचार करने और प्रदूषण कम करने के लिए मलजल शोधन केंद्रों के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। महानगरपालिका की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष २०२८ तक मुंबई में सात मलजल शोधन केंद्रों के चालू होने की योजना है। मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि मलजल शोधन केंद्रों का निर्माण शहर के पर्यावरण और जल प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी है।
मीठी नदी के पुनर्जीवन पर भी जोर
मीठी नदी के पुनर्जीवन को लेकर महानगरपालिका की ओर से चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। बैठक में इस परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पंकजा मुंडे ने कहा कि राज्य सरकार नदियों के पुनर्जीवन के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार कर रही है। ऐसे में मीठी नदी को बेहतर बनाने के लिए महानगरपालिका की ओर से किए जा रहे प्रयास संतोषजनक हैं।
नागरिकों से कचरा अलग-अलग देने की अपील
मंत्री ने कहा कि मुंबई में कचरे का प्रबंधन आसान काम नहीं है। इसके लिए कचरे को अलग-अलग करने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना होगा। महानगरपालिका प्रशासन इस दिशा में प्रयास कर रहा है, लेकिन नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शहर में स्वच्छता बनाए रखें और गीले तथा सूखे कचरे को अलग-अलग करके ही दें। साथ ही, निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे का उचित तरीके से निपटान करें, ताकि शहर में कचरे की समस्या को कम किया जा सके।