मुंबई में तीन नए पुल शुरू, सायन से विद्याविहार तक सफर होगा आसान; गोरेगांव-मुलुंड मार्ग को भी मिलेगी रफ्तार
Maharashtra Samachar••1 व्यूज़•5 मिनट पढ़ें
मुंबई में सायन और विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास बने नए पुलों और गोरेगांव-मुलुंड मार्ग के पुल का लोकार्पण हुआ। जानें, इनसे यातायात और यात्रियों को क्या फायदा होगा।
मुंबई: मुंबई में यातायात की परेशानी कम करने और लोगों का सफर आसान बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण पुलों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 22 अक्टूबर 2026 को सायन रेलवे स्टेशन के पास बने पुल, विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास बने पुल और गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग पर बने पुल का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के सरकारी निवास वर्षा बंगले से ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हुआ।
इन पुलों के शुरू होने से मुंबई के अलग-अलग इलाकों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने, यातायात का दबाव कम करने और लोगों के समय की बचत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर रेलवे पटरियों के आसपास यातायात की बाधाओं को कम करने के लिहाज से इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुंबईकरों का समय बचाना विकास का मुख्य उद्देश्य: फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई में सड़क, समुद्री किनारे का मार्ग, पुल और सुरंग जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर के उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम हिस्सों के बीच संपर्क मजबूत करना है, ताकि लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में कम समय लगे।उन्होंने कहा कि मुंबई केवल महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए शहर के विकास की योजना बनाते समय अगले 25 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया कि सभी विकास परियोजनाएं तय समय पर और गुणवत्ता से समझौता किए बिना पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के काम में आने वाली रुकावटें दूर करना और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना जरूरी है।
सायन का पुराना पुल चार महीने पहले तैयार
सायन रेलवे स्टेशन के पास बना पुराना ब्रिटिशकालीन पुल करीब 112 साल पुराना था। सुरक्षा कारणों से इसे बंद करना पड़ा था, जिसके बाद नया पुल तैयार किया गया। मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने बताया कि इस पुल को तय समय से चार महीने पहले तैयार कर लिया गया। इसके लिए मध्य रेलवे और महानगरपालिका के अभियंताओं ने मिलकर काम किया। पुराने पुल के बंद होने से आसपास के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नए पुल के शुरू होने से इस इलाके में यातायात को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
विद्याविहार में आधे घंटे का सफर अब 10 मिनट में
विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास बने पुल से पूर्व और पश्चिम हिस्सों के बीच आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। महापौर रितु तावड़े के अनुसार, पहले इस इलाके में एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए लोगों को करीब आधे घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ती थी। अब यह सफर लगभग 10 मिनट में पूरा हो सकेगा। रेलवे स्टेशन के आसपास यातायात की बाधाएं कम होने से स्थानीय नागरिकों, वाहन चालकों और रोजाना काम पर आने-जाने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है।
गोरेगांव-मुलुंड मार्ग से पूर्व और पश्चिम उपनगरों को फायदा
गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग पर बने पुल को मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच संपर्क बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मार्ग के विकास से दोनों उपनगरों के बीच आवागमन आसान बनाने और मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। महानगरपालिका इस मार्ग पर सड़क, पुल और भूमिगत सुरंग जैसी सुविधाओं के विकास पर काम कर रही है। हालांकि, इस परियोजना से पूरे मार्ग पर यात्रा का समय कितना कम होगा, इसकी विस्तृत जानकारी जारी बयान में नहीं दी गई है।
सड़क और रेल यातायात को एक साथ मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़क और रेल परिवहन का एक साथ विकास करना जरूरी है। पुलों के निर्माण से सड़क यातायात की बाधाएं कम करने के साथ रेलवे की सुविधाओं के विस्तार के लिए भी अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि समुद्री किनारे के मार्ग, कंक्रीट की सड़कें, पुल और सुरंगें एक-दूसरे से जुड़ी व्यापक यातायात व्यवस्था का हिस्सा हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल सड़कें बनाना नहीं, बल्कि मुंबईकरों के रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाना है।
समय पर घर पहुंचना भी विकास का हिस्सा: महापौर
महापौर रितु तावड़े ने कहा कि पुलों का महत्व केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है। इनसे उन लोगों का समय बच सकता है, जिन्हें रोजाना यातायात की परेशानी से गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुंबई में काम पर जाने वाले लोगों के लिए समय पर और सुरक्षित घर पहुंचना बेहद जरूरी है। महानगरपालिका का लक्ष्य सड़कें बेहतर बनाने, गड्ढों से राहत देने, पैदल चलने वालों की सुरक्षा बढ़ाने और शहर में हरियाली बनाए रखने पर भी ध्यान देना है। उपमहापौर संजय घाड़ी ने कहा कि अच्छे रास्ते और पुल मुंबईकरों की जरूरत हैं। महानगरपालिका द्वारा बनाए जा रहे जोड़ मार्ग, पुल और भूमिगत सुरंगें यात्रा के समय के साथ ईंधन की बचत में भी मदद कर सकती हैं।
कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मंत्री आशीष शेलार, महापौर रितु तावड़े, उपमहापौर संजय घाड़ी सहित कई जनप्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े, मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और महानगरपालिका के परियोजना तथा पुल विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े ने कहा कि इन तीनों पुल परियोजनाओं से मुंबई की यातायात व्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बेहतर सड़क संपर्क से यातायात की परेशानी कम करने और नागरिकों को सुरक्षित तथा सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, सायन, विद्याविहार और गोरेगांव-मुलुंड मार्ग पर पुलों का लोकार्पण मुंबई की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि आसपास की सड़कों पर यातायात का प्रबंधन कितना प्रभावी रहता है और बाकी जुड़ी हुई परियोजनाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं।