मुंबई में 52,448 अवैध बैनर-पोस्टर हटाए, चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज
Maharashtra Samachar••1 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
मुंबई में अवैध विज्ञापन सामग्री के खिलाफ महानगरपालिका की कार्रवाई जारी है। 16 अक्टूबर तक 52,448 बैनर, फ्लेक्स और पोस्टर हटाए गए, जबकि चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज हुई।
मुंबई: शहर को अवैध बैनर, फ्लेक्स और पोस्टरों से मुक्त करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने कार्रवाई तेज कर दी है। 1 जनवरी से 16 अक्टूबर 2026 के बीच महानगरपालिका ने मुंबई में कुल 52,448 बैनर, फ्लेक्स और पोस्टर हटाए हैं। वहीं, 8 से 16 अक्टूबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान में 3,537 अवैध विज्ञापन सामग्री जब्त की गई। इनमें बैनर, बोर्ड, पोस्टर और झंडे शामिल हैं।
अवैध विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। महानगरपालिका के अनुज्ञापन विभाग की शिकायतों के आधार पर चार मामलों में पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा, 333 मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित शिकायतें भेजी गई हैं। महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े ने स्पष्ट किया कि अवैध विज्ञापन फलक के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सालभर चलेगा ‘फ्लेक्स मुक्त मुंबई’ अभियान
17 अक्टूबर को वर्ली स्थित नियंत्रण एवं निगरानी केंद्र में महानगरपालिका के विभिन्न विभागों की मासिक समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान आयुक्त अश्विनी भिड़े ने बताया कि मुंबई के स्वरूप को बिगड़ने से बचाने के लिए महापौर रितू तावड़े ने **‘शाडू बप्पा दस दिन, फ्लेक्स मुक्त मुंबई 365 दिन’** अभियान घोषित किया है। महापौर खुद सड़कों पर उतरकर अवैध फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर और स्टीकर हटाने की कार्रवाई कर रही हैं। आयुक्त ने अनुज्ञापन विभाग, रखरखाव विभाग, अतिक्रमण हटाने वाले विभाग और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुंबई को अवैध विज्ञापनों से मुक्त रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी जरूरी है।
शिकायत मिलने पर तुरंत हटाए जाएंगे अवैध विज्ञापन
महानगरपालिका की योजना इस अभियान को केवल त्योहारों तक सीमित रखने के बजाय पूरे साल जारी रखने की है। नागरिकों की शिकायत मिलने पर संबंधित अवैध विज्ञापन फलक को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं।भविष्य में अधिकृत विज्ञापन फलक की पहचान आसान बनाने के लिए उन पर क्यूआर संकेतक लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इससे विज्ञापन की अनुमति और उसकी वैधता की जांच करना आसान हो सकेगा। इसके साथ ही बिना अनुमति विज्ञापन सामग्री छापने वाले मुद्रकों और एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध बैनर लगाने पर तीन महीने तक की जेल का प्रावधान
महानगरपालिका आयुक्त ने सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति बैनर, पोस्टर और विज्ञापन फलक लगाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने को कहा है।महाराष्ट्र संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1995 के तहत संबंधित प्रावधानों के अनुसार दोषी पाए जाने पर तीन महीने तक की कैद या जुर्माने की सजा हो सकती है। महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि मुंबई की स्वच्छता और सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता बनाए रखने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।