आरपीएफ, जीआरपी और राज्य पुलिस के बीच तालमेल मजबूत करने की पहल
Maharashtra Samachar••2 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
जीआरपी प्रमुखों की 8वीं अखिल भारतीय परिषद संपन्न,
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और पुलिस समन्वय पर जोर खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर चर्चा
मुंबई / अकबर खान
नई डेली : आरपीएफ, जीआरपी और राज्य पुलिस के बीच तालमेल मजबूत करने की पहल रेलमदद मंच पर जीआरपी कर्मियों को शामिल करने का निर्णय, शिकायतों के त्वरित निवारण और समय पर सूचना के आदान-प्रदान पर जोर दिवाली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए भीड़ प्रबंधन, पूर्व नियोजन और यात्री आवागमन को सुचारू बनाने पर विशेष ध्यान ड्रोन आधारित पिंक पेट्रोल से लेकर प्रोजेक्ट दिशा तक, महिला सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी से जुड़ी पहलों पर हुई चर्चा नई दिल्ली। देशभर में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस कार्रवाई को मजबूत करने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से जीआरपी प्रमुखों की 8वीं अखिल भारतीय परिषद नई दिल्ली में आयोजित की गई। परिषद में रेलवे सुरक्षा, शिकायतों के त्वरित निवारण, त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और राज्य पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने खुफिया सूचनाओं के प्रभावी उपयोग, समय पर जानकारी साझा करने और रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया। रेलमदद मंच पर शामिल होंगे जीआरपी कर्मी रेलवे यात्रियों की शिकायतों का समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी कर्मियों को रेलमदद मंच पर शामिल करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करना, संबंधित विभागों के बीच सूचना का समय पर आदान-प्रदान सुनिश्चित करना और शिकायतों की नियमित निगरानी करना है। परिषद में इस बात पर भी ध्यान दिया गया कि यात्रियों की ओर से दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई हो तथा सुरक्षा से जुड़े मामलों में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे। दिवाली और छठ पर्व पर यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता दिवाली और छठ पर्व के दौरान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई। इस दौरान यात्रियों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने, भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा व्यवस्था का पूर्व नियोजन करने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान रेलवे परिसरों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी चर्चा की। ड्रोन आधारित पिंक पेट्रोल और प्रोजेक्ट दिशा पर चर्चा परिषद में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न पहलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इनमें ड्रोन की सहायता से संचालित पिंक पेट्रोल और प्रोजेक्ट दिशा जैसी पहल शामिल रहीं। इन पहलों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में महिला नेतृत्व वाली सुरक्षा पहलों तथा स्थानीय समुदायों के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर परिषद का प्रमुख उद्देश्य रेलवे सुरक्षा से संबंधित चुनौतियों का प्रभावी समाधान करना और जीआरपी, आरपीएफ तथा राज्य पुलिस के बीच सहयोग को और मजबूत बनाना रहा। खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई, शिकायतों की निगरानी, समयबद्ध सूचना साझा करने और त्योहारों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन जैसे विषयों को रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। परिषद में हुई चर्चाओं का मुख्य केंद्र रेलवे यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना तथा यात्रियों को बेहतर सुरक्षा और शिकायत निवारण व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना रहा।