मुंबई के मशहूर ईरानी कैफे कियानी एंड कंपनी में मिली मक्खी और तिलचट्टे, तुकाराम मुंढे ने लाइसेंस सस्पेंड
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मुंबई / अकबर खान
मुंबई : महाराष्ट्र फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने त्योहारी सीजन में चेकिंग अभियान के दौरान एफडीए ने 122 साल पुराने इरानी कयानी कैफे का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। एफडीए के मुताबिक, कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग की टीम ने 27 सितंबर को कयानी कैफे में छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान कुकिंग और स्टोरेज एरिया में चूहों का मल, जीवित मक्खियां और मृत तिलचट्टे पाए गए। परिसर में बिल्लियां भी घूमती नजर आईं। इसके अलावा एक रेफ्रिजरेटर के अंदर बड़ी मात्रा में जमा किया गया खून भी मिला। अब तक 30 होटल और रेस्टोरेंट के लाइसेंस रद्द महाराष्ट्र में महाराष्ट्र फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने फेस्टिव सीजन में सेफ फ़ूड, सेफ महाराष्ट्र पॉलिसी के तहत चेकिंग अभियान चला रखा है। 23 से 27 सितंबर तक चलाए गए अभियान के दौरान राज्य भर में 30 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिए गए। इस दौरान 1.19 करोड़ मूल्य के 50,000 किलोग्राम से अधिक खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। इसी क्रम में 27 सितंबर को मुंबई के सबसे पुराने ईरानी कैफे कियानी एंड कंपनी में जांच की गई। 122 साल पुराना है कियानी कैफे कियानी कैफे 1904 में शुरू हुआ था। यह कैफे सस्ते दाम पर स्नैक्स और चाय परोसने के लिए जाना जाता है। एफडीए के निरीक्षण में टीम को प्रोसेसिंग एरिया में सीवेज का एक खुला मैनहोल भी मिला। खाना जमीन पर रखा हुआ था और कच्चे आटे को छपे हुए अखबार से ढंका गया था। कुछ दिन पहले ही एफडीए ने अखबार में खाने-पीने रखने और परोसने पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा फूड कुकिंग एरिया और स्टोर में बिल्लियां, चूहे की बीट, मक्खियां और मरे हुए तिलचट्टे मिले।
इन धाराओं में हुई कार्रवाई एफडीए ने यह भी पाया कि कच्चे और खाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थों को ठीक से अलग नहीं किया गया था। नियामक ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) के प्रावधान के तहत गंभीर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।