मुंबई में 399 फुटपाथों से हटाए 2,803 अतिक्रमण, 500 किलोमीटर सड़कें हुईं बाधामुक्त
Maharashtra Samachar••1 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
मुंबई में ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान के तहत 399 फुटपाथों से 2,803 अतिक्रमण और फेरीवाले हटाए गए। आयुक्त अश्विनी भिड़े ने फुटपाथ स्थायी रूप से खाली रखने के निर्देश दिए।
मुंबई: शहर में पैदल चलने वालों को सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के रास्ता देने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान के तहत मुंबई के 26 प्रशासनिक विभागों में 399 फुटपाथों से 2,803 अतिक्रमण और फेरीवाले हटाए गए हैं। इस कार्रवाई से करीब 500 किलोमीटर लंबी सड़कों को पैदल यात्रियों के लिए बाधामुक्त बनाया गया है।
महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फुटपाथों को केवल कार्रवाई के दौरान नहीं, बल्कि स्थायी रूप से पैदल यात्रियों के लिए खाली रखा जाए। दुकानों, ठेलों और अन्य सामान के जरिए रास्ता रोकने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों, स्कूलों और रेलवे स्टेशनों के आसपास कार्रवाई
महानगरपालिका का यह अभियान सुगम फुटपाथ नीति के तहत चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित तरीके से पैदल चलने की सुविधा देना है। अभियान के पहले चरण में अस्पतालों, स्कूलों, महाविद्यालयों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने पर जोर दिया गया है। 17 अक्टूबर को वर्ली स्थित नियंत्रण एवं निगरानी केंद्र में महानगरपालिका के विभिन्न विभागों की मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में आयुक्त अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय परिस्थितियों और नागरिकों की जरूरतों के अनुसार कार्रवाई की जाए। केवल दिखावे के लिए अतिक्रमण हटाने के बजाय नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
फुटपाथों पर दोपहिया वाहन खड़े करने वालों पर भी कार्रवाई
आयुक्त ने फुटपाथों पर दोपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग रोकने के लिए ठोस उपाय करने को कहा है। इसके लिए यातायात पुलिस के साथ समन्वय बनाकर नियमित निगरानी और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन इलाकों में सार्वजनिक पार्किंग के लिए जगह आरक्षित है, वहां उसका विकास कर नागरिकों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार पार्किंग की जगह चिह्नित करने और सड़क किनारे उपयुक्त स्थानों पर अलग पार्किंग स्थल बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि फुटपाथों पर वाहन खड़े करने की समस्या कम हो।
अधिकृत दुकानों और स्टॉल के पुनर्वास में होगी जांच
फुटपाथों पर मौजूद अधिकृत दुकानों और स्टॉल को दूसरी जगह स्थानांतरित करते समय उनके मूल क्षेत्रफल की सही माप लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संबंधित दस्तावेजों और स्वीकृत अनुमतियों की जांच के बाद ही नियमानुसार पुनर्वास किया जाएगा। महानगरपालिका का कहना है कि इससे अधिकृत दुकानों की आड़ में अतिरिक्त जगह घेरने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए खुला रखने में मदद मिलेगी।
अतिक्रमण हटाने के बाद फुटपाथों की मरम्मत जरूरी
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने के बाद फुटपाथों की तुरंत मरम्मत की जाए। उनकी साफ-सफाई, सुरक्षा और सुंदरता पर भी ध्यान दिया जाए। फुटपाथों की बनावट एक जैसी, व्यवस्थित और सुविधाजनक होनी चाहिए, ताकि नागरिक आसानी से उनका इस्तेमाल कर सकें।
अवैध रैंप बनाने वाली आवासीय संस्थाओं को नोटिस
कुछ आवासीय संस्थाओं द्वारा फुटपाथों की मूल बनावट में बदलाव कर वाहनों के आने-जाने के लिए रैंप बनाए जाने के मामलों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर संबंधित संस्थाओं को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे। अवैध रैंप हटाकर फुटपाथों की मूल बनावट बहाल करने और उन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।
फुटपाथ पर गैराज चलाने और वाहन बेचने वालों पर सख्ती
फुटपाथों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फुटपाथ पर वाहन खड़े करके उनकी मरम्मत करने वाले गैराज संचालकों और फुटपाथ या सड़क किनारे की जगह का अवैध इस्तेमाल कर वाहनों की खरीद-बिक्री करने वालों पर नियमों के अनुसार सख्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। महानगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि फुटपाथ पैदल यात्रियों की आवाजाही के लिए हैं। उन्हें सुरक्षित, साफ और बाधामुक्त रखना जरूरी है। इसके लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।