चोपडी मूक-बधिर रेजिडेंशियल स्कूल के कर्मचारियों आज़ाद मैदान मे आंदोलन
Maharashtra Samachar••12 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
मुंबई
जनजागृति प्रबोधन मंच, संचालित मूक-बधिर रेजिडेंशियल स्कूल, चोपडी (ता. सांगोला, जिला सोलापुर) के टीचर और नॉन-टीचिंग स्टाफ को 9 दिसंबर 2020 से 31 अक्टूबर 2021 तक 11 महीने की वेतन और दूसरे कई अधिकारों और भत्तों का बकाया अभी तक नहीं दिया गया है। कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाया है कि वेतन और बिल का यह बकाया सिर्फ इसलिए रोका जा रहा है क्योंकि (कमीशन) नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस अन्याय के खिलाफ न्याय नहीं मिल जाता, वे अपने बच्चों और परिवार वालों के साथ मुंबई के ऐतिहासिक आज़ाद मैदान में अनिश्चितकालीन धरना शुरू है l *मुख्य मांगें और बकाया*
11 महीने का एरियर: 9 दिसंबर, 2020 से 31 अक्टूबर, 2021 तक की पेंडिंग सैलरी तुरंत दी जाए।
7th Pay Commission का अंतर: 7th Pay Commission कैश और Pay Commission GPF के बीच का अंतर 1 से 5 किश्तों में दिया जाए। महंगाई भत्ते (DA) का अंतर: जनवरी 2022 से अक्टूबर 2023 के बीच महंगाई भत्ते का एरियर दिया जाए।
मेडिकल बिल: 2018 से पेंडिंग 4 मेडिकल बिल तुरंत मंज़ूर किए जाएं।
'परसेंटेज' न मिलने पर सैलरी रोकने के गंभीर आरोप: कर्मचारियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा परसेंटेज की मांग की जा रही है, और उसका भुगतान न होने पर सैलरी और मेडिकल बिल का यह एरियर जानबूझकर रोका जा रहा है। कई महीनों से सैलरी न मिलने से कर्मचारियों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। इस मामले में सीनियर अधिकारियों और सरकार से तुरंत दखल देने, वेतन और अंतर का सारा बकाया देने और कर्मचारियों को इंसाफ दिलाने की ज़ोरदार मांग है। नहीं तो, प्रबोधन मंच ने चेतावनी दी है कि सहकुटुंब आज़ाद मैदान में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।