दिवाली से पहले 10 हजार रुपये बोनस की मांग, आजाद मैदान में बांधकाम मजदूरों का आंदोलन
Maharashtra Samachar••2 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
मुंबई / अकबर खान
मुंबई: बांधकाम मजदूर संगठन समिति का मुंबई आज़ाद मैदान मे आंदोलन शुरू। मजदूरों ने दिवाली से पहले प्रत्येक पंजीकृत बांधकाम मजदूर को 10 हजार रुपये अनुग्रह राशि देने, बंद योजनाएं शुरू करने और लंबित मामलों पर कार्रवाई की मांग की।
मुंबई: दिवाली से पहले प्रत्येक पंजीकृत बांधकाम मजदूर को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में बांधकाम मजदूर संगठन समिति की ओर से आंदोलन शुरू किया गया है। मजदूरों का कहना है कि अदालत के आदेश के बावजूद महाराष्ट्र सरकार ने अब तक अनुग्रह राशि देने पर फैसला नहीं लिया है। इसलिए सरकार से जल्द निर्णय लेने और मजदूरों को दिवाली से पहले आर्थिक राहत देने की मांग की जा रही है।
आंदोलनकारियों के मुताबिक, महाराष्ट्र में 18 लाख से अधिक बांधकाम मजदूर पंजीकृत हैं। राज्य में सूखे जैसी स्थिति और बढ़ती आर्थिक परेशानियों के बीच बांधकाम मजदूरों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हर पंजीकृत मजदूर को कम से कम 10 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जानी चाहिए।
अदालत के आदेश के बाद भी फैसला नहीं होने का आरोप
मजदूर संगठन के अनुसार, वर्ष 2021 में मुंबई उच्च न्यायालय ने सभी पंजीकृत बांधकाम मजदूरों को 10 हजार रुपये देने के संबंध में सरकार को निर्णय लेने का आदेश दिया था। संगठन ने इस मामले में रिट याचिका क्रमांक 1027/2021 का हवाला दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अदालत ने अनुग्रह राशि देने के बारे में छह महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था, लेकिन करीब छह साल बीतने के बावजूद सरकार ने इस संबंध में फैसला नहीं किया है। संगठन के मुताबिक, आदेश पर अमल नहीं होने के कारण सरकार के खिलाफ कोल्हापुर खंडपीठ में अदालत की अवमानना का मामला भी दायर किया गया है। मजदूरों की मांग है कि इस मामले में जल्द कार्रवाई कर दिवाली से पहले सहायता राशि जारी की जाए।
13 जुलाई से बंद योजनाएं शुरू करने की मांग
बांधकाम मजदूरों ने अनुग्रह राशि के साथ-साथ राज्य में मजदूरों के लिए बंद पड़ी योजनाओं का कामकाज दोबारा शुरू करने की मांग भी उठाई है। संगठन का आरोप है कि महाराष्ट्र में 13 जुलाई से बांधकाम मजदूरों की विभिन्न योजनाओं से जुड़ा कामकाज बंद है। इसके कारण मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। आंदोलनकारियों ने बंद योजनाओं को जल्द शुरू करने और लंबित मामलों का निपटारा करने की मांग की है। इसके अलावा राज्य में लंबित 36 लाख मामलों को मंजूरी देने के संबंध में भी कार्रवाई की मांग उठाई गई है। हालांकि, इन लंबित मामलों की श्रेणी और संख्या की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला
बांधकाम मजदूर संगठन समिति ने साफ किया है कि दिवाली से पहले प्रत्येक पंजीकृत बांधकाम मजदूर को 10 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व कॉमरेड शंकर पुजारी, हिंदुराव गायकवाड़, धनश्री शकुंतला, इलाही शेख, गणेश वाहुळ, मनोज वाघमारे और शरद झेंडे सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने किया। मजदूर संगठनों का कहना है कि सरकार को अदालत के आदेश और मजदूरों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल्द फैसला लेना चाहिए, ताकि दिवाली से पहले प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत मिल सके।